मानसी जोशी का जीवन परिचय

मानसी जोशी भारत देश का नाम रोशन करने वाली पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी है, हाल ही में अभी मानसी जोशी सुर्खियों में थी, क्योंकि उन्होंने 2019 का पैरा ओलंपिक खेल  में महिलाओं के एकल में स्वर्ण पदक जीत लिया.

मानसी जोशी जिनका जन्म 11 जून 1989 को अहमदाबाद में हुआ था. उनके पिताजी का नाम गिरीशचंद्र जोशी है, जो की भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में सन 1982 से 2016 तक वैज्ञानिक रहे है. मानसी जोशी की एक बहन भी है जिनका नाम नूपुर जोशी है, जो मानसी की मैनेजर है. उनका एक भाई भी है जिनका नाम है कुंजन जोशी. इसके अलावा मानसी जोशी एक ब्राह्मण परिवार से है. मानसी जोशी एक ऐसी महिला है जिनकी गिनती दुनियाभर के शीर्ष 10 एसएल -3 श्रेणी के पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ियों में होती है.

पूरा नाम(Full Name)–  मानसी जोशी (Mansi Joshi)

पिता का नाम(Father Name)- गिरीशचंद्र जोशी (Girish Joshi)

माता का नाम(Mother Name)- ज्ञात नहीं(Not Known)

जन्म(Birth Date)- 11 जून 1989

जन्म स्थान(Birth Place)- गुजरात, भारत (Gujrat, India)

बहन का नाम(Sister Name)- नूपुर जोशी(Nupur Joshi)

भाई का नाम(Brother Name)- कुंजन जोशी(Kunjan Joshi)

आयु(Age)- 30 वर्ष(30 years)

राष्ट्रीयता(Nationality)- भारतीय(Indian)

जाती(Caste)- ब्राह्मण, हिन्दू(Brahmin, Hindu)

पेशा(Profession)-  पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी(Para- Badminton Player)

रहवासी(Lives in)- मुंबई(Mumbai)

शौक(Interest Area)- पढना और घूमना(Reading and Travelling)

कमाई(Income)- ज्ञात नहीं(Not Known)

देश(Country)- भारत(India)

पढ़ाई(Education)- इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिक में(Engineering in Electrics)

कॉलेज(College Name)- के. जे. सोमैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग(K.J. Somaiya College of Engineering)

ऊंचाई(height)- 171 सेमी

वजन(Weight)- 65 कि.ग्रा

आकृति माप(Figure Measure)- 34-24-36

वैवाहिक स्थिति(Marital Status)- अविवाहित(Unmarried)

पति का नाम(Husband Name)- अभी नहीं है(N/A)

पसंदीदा खेल(Favorite sport)- बैडमिंटन(Badminton)

पसंदीदा खिलाड़ी(Favorite Player)- एम.स. धोनी (M.S.Dhoni)

पसंदीदा जगह(Favorite Place)- अंडमान और निकोबार(Andaman and Nicobar)

पसंदीदा काम(Favorite Thing)- घूमना(Travelling)

उपलब्धि(Famous For)- सन 2019 में पैरा ओलंपिक में महिलाओं के एकल में स्वर्ण पदक विजेता (Won Gold medal at 2019 Para- Badminton World Championship)

करियर की शुरुवात(Career Story)-

मानसी जोशी ने मात्र 6 वर्ष की उम्र से ही बैडमिंटन की शुरुआत कर दी थी. उन्होंने अपने स्कूल की शिक्षा मुंबई के प्राइवेट स्कूल से की. इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाते हुए के. जे. सोमैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिक में इंजीनियरिंग की. उनकी सबसे ज्यादा रूचि साइंस और कम्प्यूटर में थी.

अपनी दिशा में ही आगे बढ़ने के लिए उन्होंने ATOS कंपनी जो की पुणे, महाराष्ट्र में स्थित है वहां सॉफ्टवेयर इंजीनियर का भी काम किया और सॉफ्टवेयर डेवलेपमेंट का काम भी सिखा.

मानसी जोशी जीवन संघर्ष(Struggle Story)-

मानसी जोशी आज सभी युवा पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत है, जिन्होंने ये साबित कर दिया की कोई भी कठिनाई आपके सपनों के बीच नहीं आ सकती है, अगर आपको स्वयं पर विश्वास है. 2 दिसम्बर 2011 की बात है उनका एक सड़क दुर्घटना में एक्सीडेंट हो गया. यह एक्सीडेंट इतना भयानक था की उन्हें अपना बायां पैर खोना पडा. इस घटना में उनका पैर ज़रुर टूट गया लेकिन उनके सपने, उनके इरादे, उनका विश्वास, उनका खुद पर भरोसा नहीं टूटा. उन्होंने जीवन में हार नहीं मानी और आगे बढ़ी. आज इसी को कायम रखते हुए उन्होंने  पैरा ओलंपिक खेल में स्वर्ण पदक जीत के बता दिया. मानसी का जब एक्सीडेंट हुआ था तब उन्हें डॉ. ने बेड रेस्ट की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने सिर्फ 45 दिनों बाद अपने जीवन की राहो पर चलना फिर से शुरु कर दिया था और आज मानसी एक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी हैं.

शारीरिक फिटनेस(Physical Fitness)-

मानसी जोशी अपनी शरीर के फिटनेस पर सबसे ज्यादा ध्यान रखती है. तभी वह इतनी फिट है. उन्होंने अपना एक रूटीन बना रखा है, जिसे वह रोज करती है. सबसे पहले वह रोज जिम जाती है. उनका खान- पान का भी एक प्लान है, उसी अनुसार वह अपना खाना खाती है. इसके अलावा वह रोज अपने मैच की प्रेक्टिस करती है. फिट होने के कारण ही उनका वजन 65 से 68 कि. ग्रा. है.

उपलब्धियाँ और मैडल(Major achievements and Medals)-

मानसी जोशी ने सिर्फ स्वर्ण पदक ही नहीं बल्कि कई अवोर्ड्स भी जीते है आइए जानते है:

  1. सन 2014 में उन्होंने एशिया खेल में हिस्सा लिया, लेकिन उनका सिलेक्शन नहीं हो पाया. इसके बाद उन्होंने हार ना मानते हुए दिसम्बर 2014 में राष्ट्रीय लेवल टूर्नामेंट में सबसे पहला मैच खेला और रजत पदक जीत लिया.
  2. सन 2015 में उन्होंने पैरा-बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप के मिश्रित युगल स्पर्धा में रजत पदक जीता.
  3. सन 2016 के पैरा-बैडमिंटन एशियाई चैम्पियनशिप में उन्होंने महिला एकल के साथ-साथ युगल स्पर्धाओं में कांस्य पदक अर्जित किया.
  4. सन 2017 के पैरा-बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप के महिला एकल इवेंट में तीसरा स्थान हासिल किया.
  5. इसके बाद 2018 में थाईलैंड पैरा-बैडमिंटन इंटरनेशनल में उन्होंने अपने प्रदर्शन के माध्यम से एक और कांस्य पदक जीत लिया.
  6. और सबसे बड़ी उपलब्धि मानसी जोशी की उन्होंने सन 2019 में पैरा ओलंपिक में महिलाओं के एकल में स्वर्ण पदक हासिल कर लिया.

मानसी जोशी द्वारा कही गयी बाते-

जब मानसी जोशी का इंटरव्यू लिया गया तो उन्होंने बहुत अच्छी अच्छी बाते कही, जो आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा ज़रुर देंगी. आइए जानते है-

  • मानसी जोशी ने कहा-  “मैं बहुत छोटी थी, लगभग 6 साल की था, जब से ही मेरे पिता ने मुझे खेलना शुरू करवा दिया था. हमारे पास केवल एक रैकेट था और यह बहुत पुराना था. मेरे पिताजी  सिर्फ शटल फेंकते थे और मैं कोशिश करती थी की मैं हिट कर पाउ. इसके बाद मैं कुछ वर्षों के बाद एक बैडमिंटन कोचिंग क्लास में शामिल हुई और उसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

 

  • उन्होंने जब अपने एक्सीडेंट के बाद सन 2012 में कंपनी लेवल पर बैडमिंटन चैंपियनशिप खेला उस दौरान उन्होंने कहा था-  मैच खेलने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मेरे पास अभी भी कौशल है और मैं अपने पैर के बिना भी खेल सकता हूं. कार्यालय में सीईओ और अन्य सहयोगियों ने मेरी बहुत प्रशंसा की और इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ाने में मुझे बहुत मदद मिली.”

 

  • एक इंटरव्यू के दौरान मानसी ने कहा था- मैंने बैडमिंटन के बारे में कभी भी करियर विकल्प के रूप में नहीं सोचा था. उस समय मेरी प्राथमिकताएं एक दूसरे कॉलेज ग्रेजुएट की तरह ही थीं. एक अच्छे पैकेज के साथ नौकरी पाना, एक अच्छा घर, एक महंगी कार और दूसरी ऐसी भौतिकवादी चीजें पाने के लिए. लेकिन दुर्घटना के बाद, मेरे लक्ष्य अब इतने भौतिकवादी नहीं रहे.”  

 

  • उनका कहना है- आपको सीखना होगा कि कैसे संतुलन बनाना है. आपको अपने शरीर को नई चीजों के अनुकूल होने के लिए समय की आवश्यकता है. सौभाग्य से, मेरे आसपास मेरे कई लोग थे जिन्होंने मेरी बहुत मदद की. हर कोई बहुत धैर्य वान था क्योंकि वे जानते थे कि शरीर को कुछ समय लगता है. लेकिन एक बार जब आप कोई चीज ठान लेते हैं, तो यह बहुत आसान हो जाता है. तो इस तरह से चीजें मेरे पक्ष में बदल गईं.

 

  • उन्होंने अपनी जानकारी देते हुए कहा- मेरा परिवार हमेशा मुझे धकेलता रहता था. मेरी बहन और पिता मुझे अपनी पसंद की चीजें करने के लिए प्रोत्साहित करते थे. एक वैज्ञानिक होने के अलावा, मेरे पिता एक लेखक भी हैं और वह अपनी कंपनी के लिए टेनिस खेलते थे. फिर मुझे लगता था कि अगर उन्हें अपनी इस उम्र में समय मिल सकता है, तो मैं निश्चित रूप से कुछ भी कर सकती हूं.

धन्यवाद! ये थी मानसी जोशी से जुड़ीं हुई जानकारी. आपको यह जानकारी कैसी लगी हमे कमेंट बॉक्स में नीचे ज़रुर बताए.

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