सेकेंड हैंड लैपटॉप खरीदने के 12 टिप्स हिंदी में

एक ऑनलाइन बिजनेस या जॉब शुरू करने के लिए लैपटॉप जरूरी है। अगर आपके पास नया लैपटॉप खरीदना का बजट नहीं है। तो आप ज़रुरी किसी अच्छे सेकेंड हैंड लैपटॉप को ख़रीदने के नंगे मुझे सोचते होंगे। दोस्तो एक बात हमें याद रखिये पुरानी चिज़ पुरानी होती है। और नई चिज़ नई होती है। फिर भी अगर आपका बजट तंग है। मेरे लिए यूज्ड लैपटॉप खरीदने के लिए करने के अलावा आप के पास दुसरा विकल्प नहीं रहता है।

ऐसे में काई पुराने लैपटॉप के खरीदार पूरी जानकारी ना होने के कारण नुकसान कर बैठे हैं। जब एक इंसान अपना पुराना लैपटॉप बेचता है तो उसमें छोटी बड़ी समस्याएं होना आम बात है। लेकिन काई बार पुराना उत्पाद ख़रीदने पर दोषपूर्ण उत्पाद हम ख़रीद बैठे हैं। और ऐसा काम करने के बाद विक्रेता कोई जवाब नहीं देता है। जिस करन खरीदार के पैसे डूब जाते हैं। हम चाहते हैं की आप ब्लॉग पोस्ट को अच्छे से ध्यान दे कर पढे तक आप जब सेकेंड हैंड लैपटॉप खरीदने के लिए उसमे कुछ बुनियादी गुणवत्ता चाक कर के ही उपयोग खारिदे है। तो बिना डेरी के आए शुरू करते हैं।

सेकेंड हैंड लैपटॉप खरीदने से पहले टॉप 15 टिप्स

1. लैपटॉप में काम क्या करना है?

जब आप किसी जगा एक यूज्ड सेकेंड हैंड लैपटॉप करिदने जाए। उसके पहले अपने आप से एक जरूरी सवाल पूछे। की आप को लैपटॉप ख़रीद कर उस पर काम क्या करना है। ऐसा हम लिए बोल रहे हैं क्यु को लैपटॉप डिवाइस अलग अलग कॉन्फिगरेशन के साथ से मेहंगा सस्ता होता है।

जब आप गेमिंग, एडिटिंग, वगेरा काम के लिए लैपटॉप ख़रीदते हैं तो आप को ग्राफिक्स हाई चाहिए। राम बढ़िया चाहिये। आगर आप को बड़े बड़े फाइल्स मैनेज करना है। To aise me aap ko adhik internel storage aur Badi High Transmitting RAM or processor ki zarurat hogi.

दोस्तों आज के टाइम में 1 या 2 जीबी रैम वाले लैपटॉप वेस्ट है। अगर आप को बेसिक स्टैंडर्ड प्रोसेस वाला लैपटॉप ख़रीदना है। आप के लिए न्यूनतम 4GB रैम और 500GB हार्ड डिस्क का विकल्प हाय चुन। इस के साथ अगर 1 जीबी ग्राफिक्स कार्ड मिल जाता है तो वह सेकेंड हैंड लैपटॉप ख़रीदने लायक होता है।

2. लैपटॉप की मार्केट वैल्यू

एक बात ध्यान से समजिये। जो चिज पुरानी है। उसकी किमत आगे जा कर और काम होगी। यह बात इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर खास लागू होती है। ऊपर से दिन पर दिन नए सस्ते और ज्यादा सुविधा वाले गैजेट्स बाजार में आते रहते हैं। ऐसे में कभी भी सेकेंड हैंड लैपटॉप की ज्यादा किमत अदा ना करे।

पुराना लैपटॉप जब भी आप खरिडे 2 से 4 बार रीस्टार्ट कर के देखते का उपयोग करने के लिए। फ़ाइल डाउनलोड कर के देखे। कीज़ को स्पीड से और स्लो प्रेस कर के देखे। बैटरी को रिमूव और इंसर्ट कर के भी देखे। इस तरह के बेसिक चेक अप से लैपटॉप का बड़ा गलती सामने आ जाता है।

3. सेकेंड हैंड लैपटॉप अवलोकन

पुराना लैपटॉप अगर कहीं से स्क्रैच है। या फिर बैंड होने में आवाज आती है। या फिर खुलते वक्त बॉडी क्रैक साउंड करता है। उत्पाद को कभी भी खड़ीना नहीं चाही बनाने के लिए।

काई बार ऐसा होता है जब हम लैपटॉप ख़रीद के घर ला देते हैं। उसके बाद हम कहीं से सेरेव मिसिंग दिखता है। या स्क्रीन पर फिर बॉडीपर क्रैक नजर आते हैं। ऐसा आप के साथ ना हो इस लिए लप्पी खरीदें करने से पहले ही अच्छी तरह से देख ले का उपयोग करें।

4. कीबोर्ड ट्रैक पैड की स्थिति

जब आप पुराना लेपटॉप लेटे हैं। काई बार रफ का उपयोग करने के लिए किया जाता है का उपयोग करें। हम भी कभी कभी मुझसे कोई पता चलता है। ठीक वैसा ही आप जिस लैपटॉप को खारिद रहे हैं उसके साथ भी हुआ होता है।

टु ऐस मी आप को ये देखना है की कीबोर्ड की सबी कीज प्रॉपर वर्क दे रही है। अगर टच पैड वाला लैपटॉप है तो यूएसए टच सही से काम कर रहा है। प्रक्रिया को करीब 15 मिनट से 30 मिनट तक करते रहे। तकी गलती है तो पता चल खातिर।

5. सेकेंड हैंड लैपटॉप बैटरी इश्यू

10 में से 7 यूज्ड कंप्यूटर में बैटरी इश्यू होता है। क्या गलती के करन या चार्ज करने के लिए धीमा हो पता है। या फिर चार्ज जल्दी खाली हो जाता है। दोस्तों यह बिंदु खास ध्यान में लिजिये। अगर लैपटॉप की बैटरी सही नहीं है तो हमारे लैपटॉप को गलत से भी ना करे।

और गर दोषपूर्ण बैटरी वाला सेकेंड हैंड लैपटॉप करिदना ही है तो विक्रेता से नई बैटरी बदल के देने की मांग करे, या फिर नई बैटरी के पैसे अलग से काम कर आप खुद नई बैटरी इस्तेमाल करे। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो बिजली की खपत इतना ज्यादा होगा की आप का बिजली का बिल ही बढ़ जाएगा।

6. सीडी/डीवीडी ड्राइव कंडीशन देखो

लैपटॉप में जब एंटीवायरस डालना होता है। डिस्क से मूवी देखना होता है। या फिर किसी दोस्त से डीवीडी मांग कर फिल्म देखना है। ऐसे सब काम आप सीडी/डीवीडी ड्राइव की मदद से कर सकते हैं।

ऐसे में अगर लैपटॉप का यह पूरा सही नहीं होगा तो आप ये काम थिक से कर नहीं पाएंगे। इस लिए हमशा जब आप पुराना लैपटॉप लेने जाए तो एक डीवीडी साथ ले कर जाए। तकी आप सीडी/डीवीडी ड्राइव की कंडीशन चेक कर खातिर।

7. ब्लूटूथ और वाईफाई चेकिंग

दोस्तो अब वायर फ्री डेटा ट्रांसफर का जमाना है। इंटरनेट भी मोबाइल के थ्रू वाईफाई से चलाना आसान रहता है। डाटा ट्रांसफर के लिए ब्लूटूथ काफी जरूरी है। ऐसे में अगर ये दो पुरजे सही काम नहीं करते हैं तो बड़ी दीकत होती है।

क्या लिए जब भी आप सेकेंड हैंड लैपटॉप खरदे तो सब से पहले उसमे इंटरनेट कनेक्ट कर के देखे, वायर से, उसके बाद वाईफाई की सहायता से नेट कनेक्ट करे। या ब्लूटूथ से डेटा ट्रांसफर कर के भी चेक करें।

8. सेकेंड हैंड लैपटॉप पॉट्स कंडीशन देखो

किसी भी लैपटॉप में ईयर फोन पॉट, चूहों का बर्तन, और दो से चार यूएसबी स्लॉट होते हैं। अब अगर आप लैपटॉप लेटे समय इन सभी बर्तनों को मैन्युअल रूप से चेक नहीं करते हैं। तो हो सकता है उनमे से कोई एक स्लॉट काम ही ना कर रहा हो।

क्या आप को सीडी/डीवीडी प्लेयर, एचडीएमआई पॉट, एसडी कार्ड स्लॉट, हेडफोन स्लॉट, आदि एक कर के बारी बारी इस्तेमाल कर लेनी चाहिए। तकी जब प्राइस नेगोशिएशन करने की बारी आए तब आप में सभी पार्ट्स की वर्किंग कंडीशन के साथ से कीमत कम करवा खातिर।

9. स्पीकर और वेब कैम की जांच

वेस टू वेबकैम का यूज़ कम ही हो पता है। लेकिन क्या पता कभी आप को किसी दूर बैठे व्यक्ति से ऑनलाइन फेसकैम चैट करनी पैड जाए। क्या पता आप को ऑनलाइन कहीं वेब कैमरा के माध्यम से इंटरव्यू देना पैड जाए। या किसी दोस्त के साथ सामाजिक मीडिया पर ऑनलाइन वीडियो चैट करने का मन करे।

ऐसे में आप को सेकेंड हैंड लैपटॉप लेने से पहले स्पीकर और वेबकैन को चला कर देखना चाहिए।

तकी अगर उसमे गलती हुआ तो आप लैपटॉप खरीदें ना करें। इसके अलावा अगर आप म्यूजिक सुनने के शौकिन है तो भी आप को स्पीकर सही हालत में चाहिए होंगे।

10. O/S और सॉफ्टवेयर लाइसेंस की जांच

लैपटॉप एक मशीन है। इसे चलाने के लिए उसमे तरह तरह के पूरे यानी हार्डवेयर लगे होते हैं। उन्हे कमांड देने के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम की जरूरत होती है। जिसमे एक सॉफ्टवेयर पद है। अब जो ये सॉफ्टवेयर होता है वो लाइसेंस वाला होता है।

यानी अगर क्लाइंट ने बिना लाइसेंस का सॉफ्टवेयर डाला है जो आगे चल कर मुसीबत में भी पद नमका है। इसी लिए जब आप कोई पुराना लैपटॉप खारिदे तो उसमे डेल ह्यू विंडो सॉफ्टवेयर और दसरे अन्य एप्लीकेशन की डिटेल्स अवश्य जान लिजिये। तकी आप किसी कानूनी पचड़े में ना फसे।

11. मार्किट सर्वे करे

यूज्ड लैपटॉप ख़रीदने से पहले एक बार मार्केट जान लिजिये। क्या पता आप जिस कॉन्फिगरेशन वाला लैपटॉप सेकेंड हैंड में खरिद रहे हैं ठीक वैसा ही लैपटॉप थोड़े से पैसे और दाल कर नया ही मिल रहा हो।

जब भी पुराने लैपटॉप खारिडे किसी विशेषज्ञ कारीगर से चेक करा कर हाय खरीदें करे का उपयोग करने के लिए। पुरानी चिज़ो की कोई गारंटी तो नहीं आती है। लेकिन फिर भी अगर अच्छे से चेक कर के लिया जाए तो सौदा फायदे का हो सकता है।

दोस्तो पुराना लैपटॉप लेना है तो दुकान से कभी ना खरीदे। पुराना लैपटॉप सिर्फ इस्तेमाल करने वाली पार्टी से खड़े हैं। क्यू की जो दुकान का मालिक होगा वो तकनीशियन के टच में होगा। और जो दो मिली भगत कर के आप को उल्लू भी बना सकते हैं। क्या सामान्य पहले हाथ वाले उपयोगकर्ता के पास से ही सेकेंड हैंड लैपटॉप खरीदें करे।

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